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शिक्षक दिवस पर वृक्षारोपण महायज्ञ, ‘एक पेड़-गुरु के नाम’ से गूंजा बरेली कॉलेज, चारों रेंज में लगे पौधे और गिद्ध संरक्षण का दिया संदेश

ग्लोबल वार्मिंग का एक ही समाधान पौधरोपण करना- पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण सक्सेना

संवाददाता लोकतंत्र एक्सप्रेस

बरेली। वन एवं वन्यजीव प्रभाग, बरेली द्वारा वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 के अंतर्गत शिक्षक दिवस के अवसर पर शुक्रवार को पूरे जिले में पर्यावरण संरक्षण का महाअभियान चलाया गया। मुख्य कार्यक्रम का आयोजन बरेली कॉलेज में ‘एक पेड़-गुरु के नाम’ थीम पर किया गया, जबकि जिले की चारों रेंज बहेड़ी, आंवला, मीरगंज और फरीदपुर में भी वृक्षारोपण और अंतर्राष्ट्रीय गिद्ध दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना रहे। बरेली कॉलेज में कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्र ‘गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः…’ के साथ हुआ।

अपने संबोधन में मंत्री डॉ. सक्सेना ने खुद को बरेली कॉलेज का पूर्व छात्र बताते हुए अपने गुरुओं को नमन किया। उन्होंने कहा, “जो व्यक्ति अपने गुरुजनों और माता-पिता का सम्मान नहीं करता, वह जीवन में कुछ भी हासिल नहीं कर सकता। वृक्ष अपना पूरा जीवन मनुष्य को देते हैं, बदले में कुछ नहीं लेते।”

ग्लोबल वार्मिंग पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि इसका एकमात्र समाधान पौधरोपण है, क्योंकि पेड़ बड़े पैमाने पर ग्रीन हाउस गैसों को अवशोषित कर ऑक्सीजन छोड़ते हैं। पीपल, पाकड़ और बरगद 24 घंटे ऑक्सीजन देते हैं। फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश पिछले 5 वर्षों में हरियाली बढ़ाने में देश में दूसरे स्थान पर है, जिसकी सराहना प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में भी की है। उन्होंने सभी से ‘एक पेड़ माँ के नाम और एक पेड़ गुरु के नाम’ लगाने का आह्वान किया।

मुख्य वन संरक्षक, रुहेलखंड जोन पी.पी. सिंह ने कहा कि वृक्षारोपण अभियान की सफलता जनसहभागिता पर टिकी है। पौधा लगाना ही नहीं, उसका संरक्षण भी जरूरी है। उन्होंने पौधों के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पुरी के जगन्नाथ मंदिर में भगवान की मूर्ति हर 12 साल में नीम की लकड़ी से बनती है।

बरेली कॉलेज की उप प्राचार्य डॉ. वंदना शर्मा ने स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यक्रम में लगभग 50 पौधे रोपे गए और शिक्षकों व विद्यार्थियों को पौधे भेंट किए गए।

इस दौरान बरेली कॉलेज की डॉ. वंदना शर्मा, डॉ. नीरज पाल मलिक, डॉ. अमिता गुप्ता, डॉ. अजिता सिंह तिवारी, डॉ. सीताराम राजपूत सहित बरेली इंटर कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज करतौली, केसर इंटर कॉलेज और कस्तूरबा गांधी कॉलेज आंवला के दो दर्जन से अधिक शिक्षकों को मंत्री अरूण सक्सेना ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस मौके पर प्रभागीय वनाधिकारी दीक्षा भंडारी, क्षेत्रीय वन अधिकारी वैभव चौधरी, नेचर मित्र भावना सिंह सहित वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

 

चारों रेंज में भी चलाया गया अभियान

बहेड़ी रेंज: गॉडविन पब्लिक स्कूल में 10 पौधे लगाए गए और विश्व गिद्ध दिवस पर चित्रकला प्रतियोगिता व गोष्ठी आयोजित कर गिद्ध को पर्यावरण का संरक्षक बताया गया।

आंवला रेंज: शशांक जूनियर हाई स्कूल, कुडड़ा में गुरु सम्मान में पौधरोपण और गिद्ध संरक्षण पर गोष्ठी हुई।

मीरगंज रेंज: उच्च माध्यमिक विद्यालय, फतेहगंज पश्चिमी में वृक्षारोपण के साथ गिद्ध चित्रकला प्रतियोगिता हुई, जिसमें विजेता बच्चों को पुरस्कृत किया गया।

फरीदपुर रेंज: एनएच-30 पर भूरे खां गौटिया के पास ‘गुरु वाटिका’ की स्थापना की गई। एमएलसी कुंवर महाराज सिंह और एसडीएम फरीदपुर विदुषी सिंह ने पौधरोपण किया।

वन विभाग ने बताया कि ‘एक पेड़ गुरु के नाम’ अभियान का उद्देश्य गुरुजनों के सम्मान के साथ हरित उत्तर प्रदेश का निर्माण और विलुप्त हो रही गिद्ध प्रजाति के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना है। 

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