
संवाददाता लोकतंत्र एक्सप्रेस
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादलों को लेकर सरकार गंभीर नजर आ रही है जल्द हीं तबादला एक्सप्रेस चलाने को लेकर कैबिनेट मे इसका प्रस्ताव रखा जायेगा। इसके तहत सभी सरकारी महकमों में तबादले 31 मई 2026 तक पूरे कर लिए जाएंगे। नीति का ड्राफ्ट तैयार हो रहा है और जल्द ही इसे मंजूरी के लिए कैबिनेट के सामने रखा जाएगा।
नई ट्रांसफर पॉलिसी में गंभीर रूप से बीमार कर्मचारियों और स्पाउस ग्राउंड यानी पति-पत्नी के एक ही जिले या नजदीक तैनाती के मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार का मकसद है कि मानवीय आधार पर जरूरतमंद कर्मचारियों को राहत मिले। इसके अलावा प्रशासनिक जरूरत के हिसाब से भी तबादले किए जाएंगे।

सूत्रों के मुताबिक, कार्मिक विभाग ने पॉलिसी का खाका तैयार कर लिया है। और हर साल की तरह इस बार भी मई के अंत तक तबादला सत्र पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। ताकि जून से नया शैक्षणिक सत्र और विभागीय कामकाज बिना रुकावट चल सके।
संभावना है कि इस बार भी ट्रांसफर के लिए ऑनलाइन आवेदन मंगाए जाएंगे। पारदर्शिता के लिए मानव संपदा पोर्टल के जरिए प्रक्रिया पूरी होगी। जिलों में तीन साल और मंडल में सात साल पूरा कर चुके अधिकारियों का तबादला तय माना जा रहा है।
ट्रांसफर पॉलिसी लागू होते ही शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व, पुलिस और पंचायतीराज समेत सभी विभागों में बड़े स्तर पर फेरबदल होगा। लाखों कर्मचारियों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। कैबिनेट से मंजूरी मिलते ही शासनादेश जारी कर दिया जाएगा।




