
संवाददाता लोकतंत्र एक्सप्रेस

बरेली। मौलाना तौसीफ रज़ा 26 अप्रैल को उर्स-ए-ताजुश्शरिया में शिरकत करने के बाद बरेली से ट्रेन द्वारा अपने घर वापस लौट रहे थे। यात्रा के दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा उनके साथ मारपीट एवं लूटपाट किए जाने की सूचना उन्होंने फोन से अपनी पत्नी को दी थी, जिसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया। बाद में उनका शव बरेली कैंट स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक के किनारे बरामद हुआ। इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाक़े में लोग अफ़्सोसज़दा और ग़मग़ीन हैं। मरकज़ बरेली शरीफ के उलेमा-ए-किराम ने इस घटना को बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा कि रेल यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था अल्पसंख्यकों के लिए पूरी तरह सवालों के घेरे में है। उन्होंने केंद्र सरकार एवं रेलवे प्रशासन से मांग की है कि मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।जमात रज़ा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान हसन खान (सलमान मियां) ने घटना पर गहरा दुख ज़ाहिर करते हुए कहा कि एक धार्मिक कार्यक्रम से लौट रहे व्यक्ति के साथ ट्रेन में इस प्रकार की घटना होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि यदि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो आम लोगों का रेलवे प्रशासन से विश्वास उठ जाएगा।
सलमान मियां ने बताया कि इस संबंध में रेल मंत्री को पत्र भेजकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। साथ ही मृतक के परिजनों को उचित आर्थिक मुआवजा, सरकारी सहायता एवं सुरक्षा प्रदान करने की भी मांग उठाई गई है। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए लंबी दूरी की ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाए। मरकज़ बरेली शरीफ के जिम्मेदारान ने कहा कि यदि मामले में शीघ्र एवं न्यायपूर्ण कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापक स्तर पर विरोध दर्ज कराया जाएगा।




