पुलिया निर्माण मे बरती जा रही भारी अनियमितताएं, जिम्मेवार भर रहे अपनी जेबे, सरकारी धनराशि का हो रहा दुरुप्रयोग
नगर विधायक के गौशाला के सामने बनाई जा रही पुलिया,पीला ईटो सहित घटिया सामग्री का किया जा रहा इस्तेमाल

संवाददाता लोकतंत्र एक्सप्रेस
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रामपुर। एक ओर योगी सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर प्रभावी जोर देते हुए भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त करने पर लगी है तो वही कुछ ठेकेदार सरकार की नीतियों पर पलीता लगाने का कार्य बडी अच्छी तरीके से कर रहे है। जो योगी सरकार के मंसूबों पर पानी फेरने जैसा है। एक ओर योगी सरकार लगातार उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने की मुहिम मे प्रयासरत है तथा जन समस्याओं के समाधान तथा शहर से लेकर गांवों तक के विकास को ध्यान मे रखते हुए कार्य कर रही है। मगर कुछ अधिकारी व ठेकेदार अपने निजी स्वार्थ के कारण सरकार की इस मुहिम मे रोडा़ बनकर सरकार की छवि को धूमिल करने का कार्य कर रहे है। ऐसा ही एक मामला जनपद के ग्राम रहटगंज में बन रहे नाले पर पुलिया का है। कहने को तो यह पुलिया मौजूदा नगर विधायक एवं पूर्व विधायक के गौशाला के सामने बन रही है मगर ठेकेदार को इसका बिल्कुल भी भय नही है। तथा ठेकेदार अपने निजी लाभ को देखते हुए पुलिया निर्माण में बहुत ही घटिया सामग्री का प्रयोग कर रहा है।
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ठेकेदार के द्वारा मानक के विपरीत बालू, सीमेंट का प्रयोग करते हुए पीली ईंटों का उपयोग किया जा रहा है। तय मानक अनुसार सामग्री का प्रयोग न किये जाने के कारण पुलिया का जल्द टूटने की संभावना ज्यादा बनी हुई है। पुलिया निर्माण मे ठेकेदार के द्वारा बरती जा रही अनियमितताओं से सरकार को लाखो रुपए का चूना लग रहा।तथा जन समस्याओं को दरकिनार कर ठेकेदार अपनी जेबे भरने में लगा हुआ है। देखा जाये तो पुलिया निर्माण में बननी वाली दीवारो की भी की मोटाई और गहराई मानक अनुसार नही है। योगीराज में भी ठेकेदार अधिकारीयों से मिलकर लाखों रूपये का चूना लगाते हुए सरकारी धनराशि का दुरुपयोग कर रहा है। बताते चले कि इस पुलिया के बनने से ग्रामीणों को अपने खेतो से आने जाने का बड़ा लाभ मिलेगा मगर ठेकेदार की अनियमितता के कारण यह कब तक मिलेगा यह कहना थोडा मुश्किल होगा।ठेकेदार से निर्माण कार्य में बरती जा रही अनियमितताओं के बारे में जानकारी लेने पर पीला ईट लगाने की बात भी स्वीकार की गयी तथा अन्य सभी कार्य मानक अनुसार करने की बात कही गयी। प्रशासन को इस ओर विशेष ध्यान देते हुए कराये जा रहे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कर तत्काल कार्यवाही अमल में लाये जाना नितांत आवश्यक है जिससे सरकारी धनराशि का दुरुपयोग होने से बचाया जा सके।




