जिलेभर में अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर ताबड़तोड़ छापेमारी,मिलीं गंभीर अनियमितताएं, चेतावनी देते हुए कडे़ निर्देश बिना रेडियोलॉजिस्ट के नही होगा अल्ट्रासाउंड
पंजीकरण किसी के नाम पर और रिपोर्ट बना रहा कोई और, सीएमओ सहित नोडल पर उठे गंभीर सवाल

संवाददाता लोकतंत्र एक्सप्रेस
बरेली। जिले भर में अल्ट्रासाउंड सेंटरों को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए आंवला, नवाबगंज, मीरगंज, शीशगढ़, क्योलड़िया और सिरौली क्षेत्रों में व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। शुक्रवार को अलग-अलग एसडीएम के नेतृत्व में टीमों ने औचक निरीक्षण किया, जिसमें कई सेंटरों पर गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं। छापेमारी की कार्रवाई से पूरे दिन अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालकों में हड़कंप मचा रहा। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर पंजीकरण संबंधी खामियां देखने को मिली कही पर आवश्यक दस्तावेज मौके पर नदारद मिले, तो कही सेंटर बिना योग्य रेडियोलॉजिस्ट के संचालित होते पाए गए, जो नियमों का खुला उल्लंघन है।तथा स्वास्थ्य विभाग के जिम्मवारो पर बड़े सवाल खड़े करता है। संबंधित नोडल से जानकारी लेने पर वह हमेशा अल्ट्रासाउंड सेंटरों के बचाव करते नजर आते हैं तथा जांच करने की बात कहते हुए पल्ला झाड़ लेते है। जबकि आज ज्यादातर अल्ट्रासाउंड सेंटरों की सच्चाई सामने आ चुकी है।

एसडीएमों के द्वारा की गयी ताबड़तोड़ छापेमारी मारी
मीरगंज एसडीएम आलोक कुमार ने शीशगढ़ कस्बे में पांच अल्ट्रासाउंड सेंटरों का निरीक्षण किया। इस दौरान ‘आस्था केयर’ और ‘मां अल्ट्रासाउंड सेंटर’ बंद पाए गए। वहीं ‘श्री रामगंगा अल्ट्रासाउंड सेंटर’ पर एक तकनीशियन द्वारा अल्ट्रासाउंड करते हुए पाया गया, जो नियमानुसार अवैध है। ‘ओम लाइफ अल्ट्रासाउंड सेंटर’ पर तैनात रेडियोलॉजिस्ट डॉ. एम.यू. खान मौके पर अनुपस्थित मिले। स्टाफ ने बताया कि वह नमाज पढ़ने गए थे। एसडीएम ने कड़ी चेतावनी देते हुए निर्देश दिए कि बिना रेडियोलॉजिस्ट की उपस्थिति के किसी भी हालत में अल्ट्रासाउंड जांच न की जाए।
सिरौली, आंवला और नवाबगंज में भी जांच जारी,एसडीएम ने खामियों को लेकर जताई नाराजगी, संचालकों से मागें स्पष्टीकरण
सिरौली में एसडीएम आंवला विदुषी सिंह ने कई सेंटरों की जांच की, जहां कुछ स्थानों पर रेडियोलॉजिस्ट अनुपस्थित पाए गए। आंवला और नवाबगंज क्षेत्रों में भी प्रशासनिक टीमों ने छापेमारी कर रिकॉर्ड और व्यवस्थाओं की गहन जांच की। क्योलड़िया क्षेत्र में एसडीएम निधि शुक्ला ने ‘हिंद अल्ट्रासाउंड सेंटर’ का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्टाफ आवश्यक पंजीकरण दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इस पर टीम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संचालक से स्पष्टीकरण मांगा है।
आंवला क्षेत्र के ‘मिलन अल्ट्रासाउंड सेंटर’ से जुड़ा मामला अब सुर्खियों में है। बताया जा रहा है कि यह सेंटर एक महिला डॉक्टर के नाम पर पंजीकृत है, लेकिन मौके पर एक समुदाय विशेष का व्यक्ति अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट तैयार करता मिला। इस पूरे मामले मे स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मामले में जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विश्राम सिंह और संबंधित नोडल अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई ठोस कार्रवाई न होने पर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि इतनी गंभीर अनियमितताओं के बावजूद कार्रवाई में देरी प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े करती है।

छापेमारी के वाद प्रभारियों को दिये गये कार्यवाही के निर्देश
जिला प्रशासन ने संबंधित प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन सेंटरों पर अनियमितताएं पाई गई हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सभी निरीक्षणों की विस्तृत रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है।।
अधिकारियों का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा, पारदर्शिता और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।




