जमात रज़ा ए मुस्तफ़ा के पदाधिकारियों ने जीआरपी अधिकारियों से भेंट कर दर्ज कराई एफआईआर

संवाददाता लोकतंत्र एक्सप्रेस
बरेली। ट्रेन यात्रा के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में हुई बिहार के किशनगंज निवासी मौलाना तौसीफ रज़ा की मौत का एक गंभीर मामला है। मृतक के परिजनों ने इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, जिससे पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। मौलाना तौसीफ रज़ा उर्स-ए-ताजुश्शरिया में शिरकत करने के बाद ट्रेन से अपने घर लौट रहे थे। यात्रा के दौरान उन्होंने अपनी पत्नी को फोन कर बताया था कि ट्रेन में कुछ लोग उनके साथ मारपीट कर रहे हैं और उन्हें घेर लिया गया है। इसके कुछ समय बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया। बाद में उनका शव बरेली कैंट स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक के किनारे बरामद हुआ, जिसने इस घटना को और अधिक संदिग्ध बना दिया है।
मृतक की पत्नी बरेली पहुंची तथा जमात रज़ा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान हसन खान (सलमान मियां) के निर्देश पर जमात रज़ा-ए-मुस्तफा की कोर टीम भी पीड़ित परिवार के साथ मौजूद रही। कोर कमेटी के सदस्यों ने जीआरपी अधिकारियों से मुलाकात कर पूरे मामले में निष्पक्ष जांच, दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। साथ ही मृतक की पत्नी की ओर से घटना की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई। एसपी सिटी के अनुसार, मृतक के मोबाइल फोन से ही उनके परिजनों एवं बरेली में मौजूद परिचितों को घटना की जानकारी दी गई थी।
जमात रज़ा-ए-मुस्तफा की कोर कमेटी के सदस्य डॉ. मेहंदी हसन, शमीम अहमद एवं कौसर अली ने संयुक्त रूप से कहा कि यह घटना केवल एक व्यक्ति की मृत्यु नहीं बल्कि कानून-व्यवस्था और रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार एक धार्मिक कार्यक्रम से लौट रहे व्यक्ति के साथ ट्रेन में मारपीट, लूटपाट और संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हुई है, वह अत्यंत निंदनीय और चिंताजनक है। कोर कमेटी ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे इस मामले को हल्के में नहीं लेने देंगे और पीड़ित परिवार को हर स्तर पर न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि हम पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं और यहां से लेकर कोर्ट तक हर कानूनी, आर्थिक और प्रशासनिक स्तर पर उनका पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच तथा मृतक परिवार को मुआवजा प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस दौरान शाईब उद्दीन रज़वी, मौलाना तौसीफ रज़ा, मौलाना फरमान रज़ा,ज़ुबैर नबी रज़वी, सय्यद इक़रार अली रज़वी,प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।।




