
संवाददाता लोकतंत्र एक्सप्रेस
बरेली। जनपद के राजकीय विद्यालयों में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों को जनवरी माह से वेतन न मिलने के विरोध में शिक्षणेत्तर कर्मचारी संयुक्त परिषद बरेली ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है। परिषद के जिलाध्यक्ष हरी शंकर ने कहा कि कई महीनों से वेतन भुगतान लंबित होने के कारण कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है तथा उनके परिवारों का भरण-पोषण करना कठिन हो रहा है। जिलाध्यक्ष हरी शंकर ने यह भी बताया कि विद्यालयों में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मचारी पूरी निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। विद्यालयों की साफ-सफाई, कार्यालीय व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक कार्यों में इन कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें समय पर वेतन न मिलना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
शिक्षणेत्तर कर्मचारी संयुक्त परिषद बरेली ने प्रशासन एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों से मांग की है कि आउटसोर्सिंग कर्मियों का जनवरी माह से लंबित वेतन तत्काल जारी किया जाए। परिषद का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच बिना वेतन के कर्मचारियों का जीवन यापन करना अत्यंत कठिन हो गया है। बच्चों की पढ़ाई, घर खर्च एवं दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करना भी मुश्किल हो रहा है। परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही कर्मचारियों के बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया गया तो संगठन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। संगठन ने शासन एवं प्रशासन से संवेदनशीलता दिखाते हुए कर्मचारियों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने की मांग की है। शिक्षणेत्तर कर्मचारी संयुक्त परिषद बरेली ने कहा कि कर्मचारियों के श्रम का सम्मान होना चाहिए तथा समय पर वेतन भुगतान प्रत्येक कर्मचारी का अधिकार है। प्रशासन को चाहिए कि वह इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर कर्मचारियों को राहत प्रदान करे।।




