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गरीबो की बढ़ी चिंता,जिले के चार अस्पतालों समेत प्रदेश के 84 अस्पताल सस्पेंड

पोर्टल एचईएम 2.0 पर जानकारी अपडेट न करने की लापरवाही पर हुई कार्यवाही

संवाददाता लोकतंत्र एक्सप्रेस 

 

बरेली। आयुष्मान भारत योजना में बड़ा झटका लगा है। नए पोर्टल एचईएम 2.0 पर जानकारी अपडेट न करने की लापरवाही बरेली के चार निजी अस्पतालों पर भारी पड़ गई। प्रदेश स्तर पर हुई कार्रवाई में इन अस्पतालों को योजना से सस्पेंड कर दिया गया है। अब यहां आयुष्मान कार्ड धारकों का मुफ्त इलाज नहीं हो सकेगा। इस फैसले के बाद गरीब और जरूरतमंद मरीजों की मुश्किलें बढ़ना तय मानी जा रही हैं।

कार्यदायी संस्था साचिज ने आयुष्मान योजना से जुड़े सभी अस्पतालों को हास्पिटल इंपैनलमेंट मॉड्यूल 2.0 यानी एचईएम 2.0 पर माइग्रेट होने का निर्देश दिया था। अस्पतालों को अपने डॉक्टरों, स्टाफ, बेड, मशीनों और इलाज की सुविधाओं का पूरा ब्यौरा पोर्टल पर अपलोड करना था। इसके लिए समय सीमा भी तय की गई थी, लेकिन कई अस्पतालों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।

कार्रवाई की जद में आए बरेली के अस्पतालों में मेजर नर्सिंग होम, मुकुंद हेल्थ केयर, न्यू अपेक्स अस्पताल और सनराइज मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल शामिल हैं। सस्पेंशन के बाद इन अस्पतालों में अब आयुष्मान योजना के तहत मरीज भर्ती नहीं किए जा सकेंगे। अगर कोई अस्पताल इलाज करता भी है तो उसका क्लेम पास नहीं होगा। इससे अस्पतालों के साथ-साथ मरीजों पर भी सीधा असर पड़ेगा। सिर्फ बरेली ही नहीं, पूरे उत्तर प्रदेश में 84 अस्पतालों पर यह कार्रवाई की गई है। सबसे ज्यादा 25 अस्पताल लखनऊ के हैं। इसके अलावा गाजियाबाद के 9, बिजनौर के 5, प्रयागराज और फर्रुखाबाद के 3-3 अस्पताल भी सस्पेंड किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद निजी अस्पतालों में हड़कंप मचा हुआ है।आयुष्मान योजना गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत मानी जाती है। ऐसे में जिन अस्पतालों में मरीज इलाज कराते थे, वहां अचानक सेवाएं बंद होने से लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। खासकर गंभीर बीमारी वाले मरीजों को अब दूसरे अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ेंगे। कई मरीजों और तीमारदारों को अभी तक इस कार्रवाई की जानकारी भी नहीं है। आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि एचईएम 2.0 पोर्टल पर माइग्रेशन सभी अस्पतालों के लिए अनिवार्य किया गया था। जो अस्पताल निर्धारित समय में प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए, उन्हें फिलहाल योजना से सस्पेंड किया गया है। जब तक नियम पूरे नहीं होंगे, तब तक इन अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत इलाज की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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