
संवाददाता लोकतंत्र एक्सप्रेस
बरेली। जिले में फर्जी IAS बनकर लोगों को ठगने वाली महिला और उसके गैंग का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। थाना सुभाष नगर में रामनिवास नामक व्यक्ति ने तहरीर देकर आरोप लगाया है कि फर्जी अफसर बनकर उसकी बेटी और बेटे को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 21 लाख रुपये की ठगी की गई है। पीड़ित टीचर्स कॉलोनी, गनेश नगर निवासी रामनिवास ने बताया कि उसकी बेटी मनोरमा देवी की पुरानी जान-पहचान दीक्षा पाठक नाम की युवती से थी। दिसंबर 2023 में दीक्षा ने इंस्टाग्राम के माध्यम से फिर संपर्क किया और खुद को BDO पद पर तैनात बताया। दीक्षा ने अपनी कथित बहन विप्रा शर्मा को IAS अधिकारी और SDM पद पर तैनात बताते हुए भरोसा दिलाया कि वह दोनों बच्चों की सरकारी नौकरी लगवा सकती है।
25 लाख की डिमांड, 21 लाख की ठगी,19.50 लाख बैंक खातों में ट्रांसफर
आरोप है कि विप्रा शर्मा और उसके साथियों ने नौकरी लगवाने के नाम पर 25 लाख रुपये की मांग की। भरोसे में आकर पीड़ित ने अलग-अलग बैंक खातों और नकद के माध्यम से कुल 21 लाख रुपये दे दिए। पीड़ित ने बताया कि कुछ रकम उसने PNB बैंक से लोन लेकर और बाकी उधार लेकर दी थी।
फर्जी नियुक्ति पत्र और सरकारी मोहर का खेल,लक्जरी गाड़ी से जमाया रौब
ठगों ने विश्वास बढ़ाने के लिए UPSC और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के नाम से फर्जी नियुक्ति पत्र भेजे गये तथा बेटी मनोरमा के नाम डाक और ईमेल से फर्जी जॉइनिंग तथा बेटे विवेक कुमार के नाम भी फर्जी नियुक्ति पत्र भेजा गया। इन पत्रों पर सरकारी मोहर और अधिकारियों के नाम का इस्तेमाल किया गया, जिससे पीड़ित परिवार पूरी तरह भरोसे में आ गया। पीड़ित के अनुसार आरोपी महिला खुद को बड़े अधिकारियों से जुड़ा बताकर महंगी गाड़ियों में घर आती थी और पुलिस-प्रशासन से संबंध होने का दावा करती थी। इसी दिखावे से परिवार को विश्वास दिलाया गया। 27 अप्रैल 2026 को जब अखबार में आरोपी महिला के ठगी के अन्य मामलों की खबर प्रकाशित हुई, तब पीड़ित को अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ।पीड़ित की तहरीर पर थाना सुभाष नगर पुलिस ने दीक्षा पाठक, विप्रा शर्मा और अन्य आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पहले से दर्ज हैं कई मामले, तीनों बहनें जेल में
जानकारी के अनुसार, सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी के अन्य मामलों में उक्त तीनों बहनों को बरेली के थाना बारादरी पुलिस द्वारा पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस अब इस नए मामले को भी उन्हीं मामलों से जोड़कर जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और यह गिरोह कई अन्य लोगों को भी इसी तरह ठग चुका हो सकता है। जल्द ही और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे मांगने वालों से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।।



