
संवाददाता लोकतंत्र एक्सप्रेस
बरेली। बरेली नगर निगम के आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों की जारी हड़ताल को अब कर्मचारी कल्याण सेवा समिति, बरेली कॉलेज का भी नैतिक समर्थन मिल गया है। समिति के अध्यक्ष जितेंद्र मिश्रा ने कर्मचारियों की सभी मांगों को जायज ठहराया और शासन-प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग की।
‘शोषण पर चुप नहीं बैठेंगे’
जितेंद्र मिश्रा ने कहा, “हम इन कर्मियों की पीड़ा से भली-भांति वाकिफ हैं। संविदा और आउटसोर्सिंग के नाम पर सफाई कर्मचारियों का खुला शोषण हो रहा है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि जब कर्मचारी अपने उत्पीड़न की शिकायत करते हैं या उचित वेतनमान की मांग उठाते हैं, तो षड्यंत्र के तहत उन पर ही रिपोर्ट दर्ज करा दी जाती है, ताकि वे अपनी मांगों पर डटे न रह सकें।
समिति अध्यक्ष ने शासन और जिला प्रशासन से मांग रखते हुए हड़ताली कर्मचारियों पर दर्ज कराई गई रिपोर्ट तत्काल वापस ली जाएं। सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम वेतनमान लागू किया जाए और सभी कर्मचारियों को ईपीएफ व ईएसआई जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं दी जाएं, जब सफाई का काम स्थाई प्रकृति का है और शहर में रोजाना सफाई होनी ही है, तो इन कर्मचारियों को आउटसोर्सिंग पर क्यों रखा गया है? नगर निगम इन्हें अपना स्थाई कर्मचारी क्यों नहीं बनाता, संविदा कर्मियों का शोषण और उत्पीड़न हर हाल में बंद होना चाहिए।
अध्यक्ष जितेंद्र मिश्रा ने कहा, “हम नैतिक समर्थन करते हुए शासन-प्रशासन से अनुरोध करते हैं कि इनकी सभी मांगें शीघ्र पूरी की जाएं। अगर जरूरत पड़ी तो समिति हर तरह से सफाई कर्मचारियों के साथ खड़ी होगी। कामगारों का हक मारकर स्वच्छ भारत का सपना पूरा नहीं हो सकता।”
गौरतलब है कि बरेली नगर निगम के सैकड़ों आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारी पिछले कई दिनों से न्यूनतम वेतन, ईपीएफ-ईएसआई और स्थाईकरण की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है।।



