मुकदमा दर्ज व जेल जाने के डर से ग्राम प्रधान सहित जिम्मेदारो ने युवक की नाबालिग से करा दी शादी, तमाशाबीन बनी रही पुलिस
जिम्मेदारो के साथ अवैध निकाह करा कर मौलवी व गवाह भी बने गुनहगार

संवाददाता लोकतंत्र एक्सप्रेस
क्योलड़िया। थाना क्योलड़िया क्षेत्र के ग्राम भौआ बाजार से एक बडा मामला देखने में आया है जहां एक युवक ने मुकदमा लिखे जाने तथा जेल जाने के डर से एक नाबालिग युवती से जबरदस्ती शादी की। मामला तव और गंभीर हो गया जव ग्राम प्रधान व जिम्मेदारो की सहमति से यह निकाह संपन्न कराया गया और सम्पूर्ण जानकारी के बाद भी थाना पुलिस तमाशाबीन बन कर यह सब कुछ देखती रही। बताते चले कि ग्राम भौआ बाजार निवासी राशिद ने गांव की ही नाबालिग युवती से अवैध रूप से जबरजस्ती निकाह कर लिया। जवकि युवती का पिता इस निकाह के पक्ष मे नही था मगर लड़के ने मुकदमा दर्ज होने व जेल से बचने के लिए जबरजस्ती लड़की से निकाह कर लिया। निकाह से नाराज युवती के पिता के द्वारा उक्त अवैध निकाह की सूचना 112 पर भी दी गयी। सूचना के आधार पर पुलिस मौके पर तो पहुंची मगर पुलिस ने घोर लापरवाही बरतते हुए युवक पर अभियोग पंजीकृत करने के बजाय अपना पल्ला झाडते हुए खानापूर्ति कर शांति भंग में चालान कर दिया।सूत्रों से मिली जानकारी से ज्ञात हुआ कि युवक राशिद ने ग्राम की एक नाबालिग युवती को अपने प्रेम जाल में फंसा लिया था जिसकी जानकारी पर युवती के परिजनों ने इसका कडा़ विरोध किया तो राशिद ने नाबालिग युवती को बहला फुसलाकर कर घर से भगा ले जाने की कोशिश की। घटना की जानकारी पर युवती के पिता ने तत्काल मदद के लिए 112 पर कॉल कर सम्पूर्ण जानकारी देते हुये मदद की गुहार लगाई मगर पुलिस ने अपनी बडी जिम्मेवारी दिखाते हुए आपसी मिलीभगत से युवक पर सुसंगत धाराओं मे मुकदमा पंजीकृत करने की बजाय सिर्फ शांति भंग में चालान कर दिया गया। क्योकि युवती का परिवार बहुत गरीब है। इस लिए उस पर लगातार दबाव बनाया गया। नाबालिग युवती तथा पिता को पुलिस और प्रधान के समझाने के बाद कुछ ठीक तो हुआ मगर लडके ने किये कराये पर पानी फेर दिया। और अपने चोट मारकर युवती के घर पहुँच गया। जिस कारण युवती समाज मे बदनामी के कारण फांसी लगाने को मजबूर हो गयी।मगर यह सब होने के बाद भी पुलिस तमाशाबीन बनी रही। वही नाबालिग युवती को समाज मे बदनामी का ताना देकर युवक से जबरजस्ती निकाह करा दिया गया। यह निकाह पुलिस, ग्राम प्रधान और जिम्मेदारो के बीच मौजूदगी में संपन्न कराया गया। जानकारी के अनुसार युवती कक्षा 8 तक सरकारी स्कूल में पढ़ी हुई है तथा राशन कार्ड में उसकी जन्मतिथि 1/1/2010 दर्ज है। जानकारी लेने पर डर के कारण परिवार ने कुछ भी बताने को मना कर दिया तथा एक ग्राम वासी ने नाम उजागर नही करने पर बताया कि पीडित ने पुलिस तो बुलाई थी मगर ग्राम प्रधान तथा अन्य लोगो के दबाव मे निकाह कराया गया था। क्योकि युवक व उसके परिजनों को जेल जाने का डर सता रहा था। इस लिए नाबालिग युवती से युवक का जबरदस्ती निकाह करा दिया गया। एक गरीब पिता हार गया जवकि पुलिस और जिम्मेदार ग्राम प्रधान और अन्य के दबाव में अवैध निकाह कराया गया। इस अवैध निकाह कराने में जितने दोषी यह जिम्मेदार तो है ही उतने ही दोषी निकाह कराने वाले मौलवी व गवाह भी है। जबकि नाबालिग का विवाह कानूनन गंभीर अपराध है, क्योंकि युवती नाबालिग है और उसकी सहमति भी वैध नहीं मानी जा सकती हैं।।
प्रभारी निरीक्षक से जानकारी लेने पर उन्होंने किसी समाज सेविका के द्वारा तहरीर देने की बात कही थी मगर फिर भी कोई कार्रवाई नही की गयी।
तो वही ग्राम प्रधान से बात करने पर लडकी नाबालिग का निकाह कराये जाने की बात सत्य है तथा उस निकाह से उनका कोई लेना देना नही है। ग्राम प्रधान के द्वारा भी लडकी के फांसी लगाने की बात स्वीकार की गयी।अव देखना है कि पुलिस अभी भी मौन बन कर तमाशाबीन बनी रहेगी या फिर कुछ कार्यवाही भी अमल मे लायेगी।



