
संवाददाता लोकतंत्र एक्सप्रेस
बरेली । दरगाह आला हजरत के प्रमुख संगठन जमात रजा-ए-मुस्तफा ने एक बड़ा फैसला लिया है। संगठन के राष्ट्रीय महासचिव फरमान हसन खान की पहल पर छत्तीसगढ़ राज्य की सभी दरगाहों में डीजे बजाने और आतिशबाजी करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
वक्फ बोर्ड वसूलेगा 50 हजार का जुर्माना
जारी आदेश में साफ कहा गया है कि दरगाह परिसर और उसके आसपास डीजे साउंड सिस्टम और किसी भी तरह की आतिशबाजी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। जो भी व्यक्ति या कमेटी इस नियम का उल्लंघन करेगी, उस पर छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाएगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
दरगाहों की पाकीज़गी और अदब के लिए फैसला
उन्होने बताया यह कदम दरगाहों की पाकीज़गी, अदब और रूहानी माहौल को बनाए रखने के लिए उठाया गया है। संगठन के मुताबिक उर्स और अन्य मौकों पर डीजे और आतिशबाजी से दरगाहों का सुकून और इबादत का माहौल खराब होता है। इसी को देखते हुए यह सख्त निर्णय लिया गया है।
बरेली से हुई पहल, देशभर में असर की उम्मीद
दरगाह आला हजरत बरेली सुन्नी मुसलमानों का मरकज है। यहां से हुई इस पहल का देशभर की दरगाहों पर असर पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।




