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फिर एक बार खडे हुए स्वास्थ्य महकमा पर गंभीर सवाल, अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर का स्टिंग विडियो वायरल

नोडल की बड़ी लापरवाही, मगर फिर भी नही हो रही कोई कार्यवाही ?

संवाददाता लोकतंत्र एक्सप्रेस 

 

 

बरेली। जनपद में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर एक स्टिंग का वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। जिसमें एक व्यक्ति अल्ट्रासाउंड करता हुआ तथा रिपोर्ट बनाता हुआ दिखाई दे रहा है। जिसको लेकर आंवला में संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटरों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।

वायरल वीडियो और शिकायतों के आधार पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि जिले में कई अल्ट्रासाउंड सेंटर नियमों को ताक पर रखकर संचालित किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि कुछ सेंटरों का पंजीकरण तो मौजूद है, लेकिन संचालन में निर्धारित मानकों और सरकारी दिशा-निर्देशों की अनदेखी की जा रही है।

वायरल वीडियो जिस सेंटर का उस सेंटर का पंजीकरण महिला चिकित्सक के नाम से कराया गया है मगर उसके बावजूद अल्ट्रासाउंड किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किया जा रहा है, जिसकी शैक्षिक योग्यता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। इससे मरीजों को गलत रिपोर्ट दिए जाने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के कथित अवैध संचालन से गरीब और आम मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ हो सकता है।

जिम्मेदार नोडल की भूमिका पर गंभीर सवाल क्यो नही होती कार्यवाही 

पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। लगातार जिम्मेदार नोडल की बड़ी लापरवाही देखने को मिलती है मगर फिर उन पर कोई कार्यवाही क्यो नही  की जाती है यह भी एक बड़  प्रश्न है।क्या यह पूरा खेल आपसी मिलीभगत का है। 

मामले की शिकायत मंडलायुक्त बरेली को भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई है। वहीं, एडी हेल्थ बरेली डॉ. तेजपाल सिंह का पक्ष भी सामने आया है।

फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच जारी होने की बात कही जा रही है, लेकिन वायरल स्टिंग ने पूरे मामले को और अधिक गंभीर बना दिया है, क्योंकि सेंटर पर स्वास्थ्य कर्मी आशा कार्यकर्ता भी प्राइवेट अल्ट्रासाउंड सेंटर पर बैठी बताई जा रही हैं।

अब देखना होगा कि जांच के बाद क्या सच्चाई सामने आती है और विभाग क्या कार्रवाई करता है।

 

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