मीरगंज के गौहाना में जिम्मेदारों की शह पर खुलेआम चल रहा ‘वायो’ डीजल-पेट्रोल पंप, बुनियादी सुविधाएं नदारद
बिना फायर एनओसी, बिना लाईसेंस तथा बिना बुनियादी सुविधाओं के सुविधा शुल्क के नाम पर चलता खेल
संवाददाता लोकतंत्र एक्सप्रेस
मीरगंज। मीरगंज क्षेत्र के ग्राम गौहाना स्थित नियमों को ताक पर रखकर एक ‘वायो’ डीजल-पेट्रोल पंप धड़ल्ले से चल रहा है। हैरानी की बात यह है कि यह सब जिम्मेदारों की शह पर हो रहा है। गांव इस वक्त बारूद के ढेर पर बैठा है। यहां जिम्मेदारों की खुली शह पर एक अवैध ‘वायो’ डीजल-पेट्रोल पंप मौत का कारोबार कर रहा है। हर दिन सैकड़ों लीटर तेल बिना लाइसेंस, बिना सुरक्षा और विना बुनियादी सुविधाओं के बेचा जा रहा है, और प्रशासन की आंखों पर पट्टी बंधी है।
बिना फायर एनओसी, बिना लाईसेंस तथा बिना बुनियादी सुविधाओं के सुविधा शुल्क के नाम पर चलता खेल
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इलाके में बिना ‘सुविधा शुल्क’ दिए कोई भी पेट्रोल पंप चल पाना नामुमकिन है।गौहाना में चल रहा यह पंप भी इसी सिस्टम का हिस्सा बताया जा रहा है। आरोप है कि हर महीने सुविधा शुल्क ऊपर तक पहुंचाया जाता है, तभी यह पेट्रोल पंप कार्रवाई से बचा हुआ है। पेट्रोल पम्प बिना फायर एनओसी, बिना लाईसेंस तथा बिना बुनियादी सुविधाओं के दिनदहाड़े खुलेआम संचालित है। सूत्रों की मानें तो इस इलाके में बिना सुविधा शुल्क पहुंचाए एक बूंद तेल नहीं बिक सकता। तभी न फायर एनओसी मांगी जाती, न विस्फोटक विभाग जांच करता, न नाप-तौल वाले झांकने आते और नाही खाद्य आपूर्ति विभाग देखने को आता है।
बुनियादी सुविधाओं का टोटा, खतरे में जनता
मौके पर न तो फायर सेफ्टी के इंतजाम हैं, न पीने के पानी की व्यवस्था और न ही शौचालय, टैंक की जांच, नाप-तौल विभाग की सील और प्रदूषण नियंत्रण के मानक भी हवा में उड़ाए जा रहे हैं। खुलेआम वायो डीजल बेचा जा रहा है। एक चिंगारी पूरे इलाके को तबाह कर सकती है, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंख मूंदे बैठा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बाद भी न आपूर्ति विभाग हरकत में आया, न अग्निशमन विभाग
ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “यहां दिनदहाड़े नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं। अगर कल को कोई हादसा हो गया तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?”
फिलहाल गौहाना का यह अवैध पंप प्रशासन की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। देखना होगा कि खबर सामने आने के बाद जिम्मेदार विभाग नींद से जागता है या फिर ‘सुविधा शुल्क’ का खेल यूं ही चलता रहेगा।
एसडीएम मीरगंज निधि शुक्ला से जानकारी लेने पर मामला संज्ञान में नही है बताया गया पेट्रोल पंप की नायाब तहसीलदार से जांच कराकर सख्त कार्यवाही की जायेगी ।।



