
संवाददाता लोकतंत्र एक्सप्रेस
बरेली। शिक्षणेत्तर कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष हरी शंकर ने खण्ड शिक्षा अधिकारी नवाबगंज द्वारा जारी उस आदेश का कड़ा विरोध किया है, जिसमें बेसहारा गोवंश के भरण-पोषण हेतु बेसिक विद्यालयों के अध्यापकों को 46 किलोग्राम भूसा खण्ड शिक्षा अधिकारी एवं पशुचिकित्सा अधिकारी नवाबगंज को दान करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाध्यक्ष हरी शंकर ने कहा कि शिक्षक पहले से ही शैक्षिक एवं विभागीय कार्यों के अतिरिक्त बोझ से दबे हुए हैं। ऐसे में उन पर भूसा दान करने का दबाव बनाना पूरी तरह अनुचित एवं अव्यवहारिक है। उन्होंने कहा कि गोसेवा एक सामाजिक एवं मानवीय कार्य है, लेकिन इसे जबरन आदेश के माध्यम से लागू करना शिक्षकों के सम्मान एवं अधिकारों के विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारियों द्वारा बिना किसी वैधानिक व्यवस्था एवं आर्थिक प्रावधान के अध्यापकों को भूसा दान करने के लिए बाध्य किया जा रहा है, जिससे शिक्षकों में भारी रोष व्याप्त है। परिषद का कहना है कि विद्यालयों का मुख्य उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है, न कि शिक्षकों पर इस प्रकार के अतिरिक्त आर्थिक दायित्व थोपना। हरी शंकर ने मांग की कि उक्त आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए तथा बेसहारा गोवंश के भरण-पोषण के लिए शासन स्तर से अलग बजट एवं संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शिक्षकों का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो शिक्षणेत्तर कर्मचारी संयुक्त परिषद व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होगी।


