बिजली विभाग में रिश्वतखोरी का भंडाफोड़, 18 हजार रुपये लेते रंगे हाथ दबोचा गया संविदाकर्मी,,
भ्रष्टाचार निवारण संगठन बरेली की बड़ी कार्रवाई, जेई भी मुकदमे में नामजद

संवाददाता लोकतंत्र एक्सप्रेस
बरेली। उत्तर प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत भ्रष्टाचार निवारण संगठन बरेली मंडल की टीम ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए बिजली विभाग के एक संविदाकर्मी को 18 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। मामले में एक अवर अभियंता (JE) को भी नामजद किया गया है।
भ्रष्टाचार निवारण संगठन की ट्रैप टीम प्रभारी निरीक्षक प्रदीप सान्याल के नेतृत्व में की गई कार्रवाई में आरोपी अनस कादरी पुत्र अकरम कादरी निवासी हारेजाफर खां, पुराना शहर बारादरी, हाल निवासी गोल्डन सिटी कॉलोनी थाना इज्जतनगर को मॉडल टाउन क्षेत्र स्थित एक कैफे के पास सड़क किनारे जनरेटर के पास से रिश्वत लेते समय गिरफ्तार किया गया।
बताया गया कि आरोपी वर्ष 2017 से बिजली विभाग में लाइन कुली संविदाकर्मी के रूप में कार्यरत था। शिकायतकर्ता नितिन आनंद निवासी मॉडल टाउन ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन से शिकायत की थी कि प्रेमनगर स्थित उनके बिजली कनेक्शन के बढ़े हुए बिल के समायोजन के नाम पर 18 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है।
शिकायत मिलने के बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को रिश्वत की रकम लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई बुधवार दोपहर करीब 2:40 बजे थाना बारादरी क्षेत्र में की गई।
इस मामले में बिजली उपकेंद्र 33/11 केवी क्षेत्र डीडीपुरम बरेली में तैनात अवर अभियंता जितेंद्र केसरवानी (JE) को भी नामजद किया गया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना बारादरी में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी रिश्वत मांगता है तो इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निवारण संगठन बरेली से की जा सकती है। इसके लिए संगठन ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।




