
संवाददाता लोकतंत्र एक्सप्रेस
बरेली। जनपद मे आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत आम लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आई।राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देश पर आयोजित इस लोक अदालत में लाखों मामलों का निस्तारण किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह-द्वितीय ने दीप प्रज्वलित कर किया। लोक अदालत में बैंक, बीमा कंपनियों, ट्रैफिक चालान, पारिवारिक विवाद और कई सरकारी विभागों से जुड़े मामलों का समाधान कराया गया। बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने आपसी सहमति के आधार पर अपने मामलों का निपटारा कराया और लंबे समय से चल रहे विवाद खत्म हुए।
2 लाख 45 हजार से ज्यादा मामलों का हुआ समाधान
राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी और अपर जिला जज उमा शंकर कहार ने बताया कि इस लोक अदालत में कुल 2 लाख 45 हजार 366 मामलों का सफल निस्तारण किया गया। इन मामलों में करीब 18 करोड़ 14 लाख रुपये से ज्यादा धनराशि से जुड़े आदेश भी पारित किए गए। अलग-अलग अदालतों और विभागों में लंबे समय से लंबित मामलों को समझौते और सहमति के आधार पर निपटाया गया। जिससे लोगों को कोर्ट के चक्कर लगाने से राहत मिली। सत्र न्यायालय, दीवानी न्यायालय, फौजदारी न्यायालय और प्रशासनिक विभागों में भी बड़ी संख्या में मामलों का समाधान हुआ।
लोक अदालत में पारिवारिक मामलों का भी समाधान कराया गया। इस दौरान 99 पति-पत्नी के बीच आपसी समझौता कराया गया, जिससे कई परिवार टूटने से बच गए। प्रधान न्यायाधीश मोहम्मद अशरफ अंसारी ने 45 मामलों और अपर प्रधान न्यायाधीश संजय कुमार सिंह ने 54 मामलों का निस्तारण कराया। वहीं ट्रैफिक नियमों से जुड़े 1 लाख 8 हजार 309 ई-चालानों का भी निपटारा किया गया। बैंक ऋण से जुड़े मामलों में भी लोगों को बड़ी राहत मिली। बैंकों के लिए बनाई गई विशेष पीठों में 893 मामलों का समझौते के आधार पर समाधान किया गया और करीब 11 करोड़ 59 लाख रुपये की वसूली कराई गई।
कई सरकारी विभागों ने भी निपटाए हजारों मामले
लोक अदालत में नगर निगम, परिवहन विभाग, श्रम विभाग, स्वास्थ्य विभाग, बीएसएनएल, जिला पंचायत राज विभाग और उपभोक्ता फोरम समेत कई विभागों ने अपने लंबित मामलों का निस्तारण किया। श्रम विभाग ने 6507 मामलों में करीब 2 करोड़ 76 लाख रुपये की समझौता राशि तय कराई। वहीं परिवहन विभाग, पुलिस विभाग और अन्य सरकारी विभागों ने भी हजारों मामलों का समाधान किया। अधिकारियों का कहना है कि लोक अदालत के जरिए लोगों को कम समय में राहत दिलाने का प्रयास किया गया।
जेल में बने सामान की लगी प्रदर्शनी, लोगों की मदद के लिए हेल्प डेस्क
लोक अदालत परिसर में बरेली जेल में बंद कैदियों द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प सामान और औषधीय पौधों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों और “एक जनपद एक उत्पाद” योजना के तहत तैयार सामान की भी प्रदर्शनी लगाकर बिक्री की गई। वहीं लोगों की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क भी बनाया गया था, जहां पैरा लीगल वालंटियर और लीगल एड डिफेंस काउंसिल के सदस्य मौजूद रहे और लोगों को जरूरी जानकारी उपलब्ध कराई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव जया प्रियदर्शिनी ने कहा कि लोक अदालत का उद्देश्य लोगों को जल्दी, सस्ता और आसान न्याय उपलब्ध कराना है।।



