फायर सेफ्टी पर बड़ा अभियान , बीडीए उपाध्यक्ष के नेतृत्व में चला ताबड़तोड़ अभियान, होटल रजानी और सैटेलाइट होटल सील, गुरुकुल समेत कई कोचिंग-मॉल-जिम में मिलीं खामियां
मुख्यमंत्री योगी की सख्ती का असर”, रामपुर गार्डन की गुरुकुल कोचिंग में भी मिली खामियां, रिहायशी बिल्डिंग में चल रहा था सेंटर, बिना एनओसी -नक्शा पास चल रहा था कारोबार

संवाददाता लोकतंत्र एक्सप्रेस

बरेली। लखनऊ अग्निकांड के बाद प्रदेश सरकार के अलर्ट मोड पर आने के बाद बरेली में अग्नि सुरक्षा को लेकर बड़ा एक्शन हुआ। 23 जून 2026 को मुख्यमंत्री के निर्देश पर मंडलायुक्त और जिलाधिकारी के मार्गदर्शन में बरेली विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष के नेतृत्व में प्रवर्तन टीम, अग्निशमन विभाग और पुलिस बल ने संयुक्त सघन जांच अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान मैट्रिक्स जिम कैलाश टावर सिविल लाइंस, फिजिक्स वाला विद्यापीठ कोचिंग सेंटर, विशाल मेगामार्ट सिविल लाइंस, आकाश कोचिंग सेंटर चौकी चौराहा, एलए सिटी सेंटर मॉल चौकी चौराहा, महेन्द्रा कोचिंग रामपुर गार्डन, डिवाईन क्लासिस रामपुर गार्डन, तकशिला कोचिंग, विनटैक लाईब्रेरी, गुरूकुल क्लासिस रामपुर गार्डन, अरिहन्त क्लासिस समेत दर्जनों प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। विशेष रूप से रिहायशी क्षेत्रों और संकरी गलियों में संचालित संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण हुआ।

रामपुर गार्डन स्थित गुरुकुल क्लासिस में जांच के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आई। जिस भवन में कोचिंग संचालित हो रही है वह मूल रूप से रेजिडेंशियल उपयोग के लिए है। बीडीए से उसका व्यावसायिक उपयोग के लिए नक्शा भी स्वीकृत नहीं कराया गया है। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि कोचिंग संचालकों ने फायर विभाग से एनओसी तक नहीं ली है। भवन में आग लगने पर निपटने के लिए जरूरी अग्निशमन यंत्र और आपातकालीन निकासी की व्यवस्था भी नाकाफी मिली।

संयुक्त टीम के द्वारा प्रमुखता से 7 बिंदुओ पर जांच की गयी जिसमे बीडीए से मानचित्र स्वीकृत है या नहीं, लिफ्ट निर्धारित मानकों के अनुरूप है या नहीं, फायर विभाग से एनओसी ली गई है या नहीं, फायर अलार्म सिस्टम काम कर रहा है या नहीं, फायर एक्सटिंग्विशर चालू हालत में हैं और एक्सपायरी डेट तो नहीं निकली है। इमरजेंसी एग्जिट और आपदा में सुरक्षित निकासी की व्यवस्था है या नहीं
जांच में सबसे बड़ी कार्रवाई पीलीभीत बाईपास रोड पर सैटेलाइट बस स्टैंड के पास हुई। होटल रजानी का संचालन मानचित्र स्वीकृति के विपरीत और बिना फायर एनओसी के किया जा रहा था। वहीं होटल सैटेलाइट बीडीए से बिना नक्शा पास कराए ही चल रहा था। दोनों होटलों को उ.प्र. नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 की धाराओं के तहत तत्काल सील कर दिया गया।

निरीक्षण के दौरान जिन प्रतिष्ठानों में कमियां मिलीं, उनके संचालकों को अग्नि सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। गुरुकुल क्लासिस समेत सभी दोषी संस्थानों को निर्धारित समयावधि में सुधार करने की सख्त चेतावनी जारी की गई है।बीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। बरेली विकास प्राधिकरण द्वारा अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन के लिए इस तरह के अभियान भविष्य में भी लगातार चलाए जाएंगे, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके। लखनऊ में 22 जून को कोचिंग सेंटर में लगी आग में 15 छात्रों की मौत के बाद पूरे प्रदेश में फायर सेफ्टी को लेकर हड़कंप मचा है। बरेली में भी प्रशासन अब जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है।।



