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चोरी की बाइक बेचने पहुंचे दो आरोपी गिरफ्तार, रेलवे स्टेशन के खंडहर में बना रखा था अड्डा, 7 गाड़ियां बरामद

संवाददाता लोकतंत्र एक्सप्रेस 

बरेली। शहर में बाइक चोरी कर नंबर प्लेट बदलकर बेचने वाले दो शातिर बदमाशों को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी चोरी की बाइक बेचने के लिए चौपला की तरफ से स्टेशन रोड पहुंच रहे थे। पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया। तलाशी में एक आरोपी के पास से अवैध तमंचा और कारतूस, जबकि दूसरे के पास से चाकू बरामद हुआ। पूछताछ के बाद पुलिस ने रेलवे स्टेशन के आगे झाड़ियों और खंडहरों में छिपाकर रखी गई सात मोटरसाइकिल और एक स्कूटी भी बरामद की है। पुलिस अब गिरोह के नेटवर्क और चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त करने वालों की तलाश में जुटी है।

शुक्रवार देर रात कोतवाली पुलिस जंक्शन रोड चौकी क्षेत्र में गश्त और संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर ने सूचना दी कि दो युवक चोरी की बाइक लेकर चौपला की तरफ से स्टेशन की ओर आ रहे हैं और उसे बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने मालगोदाम रोड पर बैरिकेडिंग कर चेकिंग शुरू कर दी। थोड़ी देर बाद एक संदिग्ध बाइक आती दिखाई दी। पुलिस को देखकर बाइक सवार भागने लगे, लेकिन पुलिस टीम ने पीछा कर दोनों को पकड़ लिया।

एक के पास तमंचा, दूसरे के पास चाकू मिला

पकड़े गए आरोपियों ने अपने नाम अवनेश कुमार मौर्य निवासी भमोरा और उदित नारायण शुक्ला निवासी मिलक, रामपुर बताए। तलाशी के दौरान अवनेश के पास से 315 बोर का तमंचा और जिंदा कारतूस बरामद हुआ। वहीं उदित की जेब से अवैध चाकू मिला। दोनों जिस पैशन प्रो बाइक पर सवार थे, उसके कागज भी नहीं मिले। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि बाइक कुछ दिन पहले एसबीआई बैंक के पास से चोरी की गई थी और उसे बेचने के लिए लाया गया था। सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों आरोपियों ने पुलिस को बताया कि कई और चोरी की बाइक और स्कूटी रेलवे स्टेशन के आगे झाड़ियों और खंडहरों में छिपाकर रखी गई हैं। इसके बाद पुलिस दोनों को साथ लेकर मौके पर पहुंची। वहां से छह और बाइक तथा एक एक्टिवा स्कूटी बरामद हुई। जांच में कई वाहनों की नंबर प्लेट बदली हुई मिली, जबकि एक बाइक के चेसिस नंबर से भी छेड़छाड़ पाई गई।पुलिस ने ई-चालान एप के जरिए वाहनों का रिकॉर्ड खंगाला तो बरामद वाहन बरेली, मेरठ और पंजाब तक के लोगों के नाम दर्ज मिले। पुलिस का कहना है कि आरोपी चोरी के बाद बाइक की नंबर प्लेट बदलकर कम कीमत में बेच देते थे। खरीदार नहीं मिलने पर वाहनों को सुनसान जगहों पर छिपाकर रखते थे। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं और चोरी की बाइक कहां सप्लाई की जाती थीं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस और आर्म्स एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। बरामद वाहनों के असली मालिकों से संपर्क किया जा रहा है।

 

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